तू यादों में है....................
वो शाम ,,, वो हंसी के दो जाम ,,
हम तुम उस पेड़ के निचे जहाँ ,, कभी हमने मिलने के वादे किये थे ,,,
जहाँ कभी हमने वो दिन बिताये थे ,,,
आ देख वो शाम ,,
वो डूबता हुआ सूरज वहां आज भी डूबता है ,,,
बाँहों में बाहें तेरी ,, ऑंखें में आँखें तेरी ,
जैसे जन्नत सा सुकून सा मिल जाये ,,
काश कि ये पल ,, ये पल ,, कभी ना जाए ,,
काश के वो पल फिर अाजाये ,, 'काश की तू फिर लौट आये ,,
तेरी यादों में आज भी है , वो शामें ,, वो करवटें ,, और वो रातें ,, '
तू यादों में है
मिथिलेश गुप्ता



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