A Letter To Mohini

To Dear मोहिनी,
जनवरी 25 , 2009

I am Missing you so Much ...
तुम्हे समझाना बहुत कुछ चाहता हूँ पर ये उतना ही मुस्किल होता जाता है जितना क़ि तुमसे कॉलेज में आजकल नज़रे मिलाना।
पता नही किस बात की सजा आज भी मिल रही है, तुम तो कहा करती थी 'दोस्ती ही प्यार है और प्यार तो कभी भी किसी
से भी हो सकता है' पर जब मुझे तुमसे प्यार हुआ तो तुमने अपनी उस 'थ्योरी' को ही नकार दिया।

कल कॉलेज में केमिस्ट्री वाली लैब में तुम्हे मैंने देखा यूँ तो अक्सर देखता ही रहता हूँ चोर नज़रो से ही सही, पर कल कुछ ज्यादा देर
तक देख पाया और नज़रे जैसे हट ही नहीं पाई. सच कहुँ कल तुम बिलकुल जेनेलिया लग रही थी. ब्लैक जीन्स और पिंक टॉप पर
तुम मुझे जेनेलिया ही लगती हो और हाँ लगोगी भी क्यों नहीं, फैन जो हो उसकी। अब तो जब भी टीवी में वो दिखाई देती है तो
मुझे जेनेलिया में मेरी मोहिनी ही नज़र आती है। 'जाने तू या जाने' ना तो अब मेरी भी फेवरेट फिल्म है।  Because of you !

You know one thing, आज भी ये लेटर लिख कर सिर्फ तुमसे बाते कर रहा हूँ वर्ना मुझे लेटर लिख कर पास रखने की आदत नही।
अकसर यही सोचता हूँ 'उस दिन' जब मैं तुम्हे प्रपोज़ करने वाला था अगर ना ही किया होता तो अच्छा होता. पता है मोहिनी मैं
ये सोचता था की दिल में किसी के लिए कुछ तो उसे बता देना चाहिए और मैं ना अक्सर पंकज को भी यही कहा करता था.
पर देखो अब अपने आप पर बुरा लगता है because i was wrong !

कॉलेज में सब जैसे सूखा हुआ लगता है तुम थी तो सब कुछ जैसे सॉफ्ट सा था अब एकपल में सब बदल गया. जानती हो तुम जब उस दिन
फ़ोन पर रो रही थी मैं समझ गया था दिल तुम्हार टूटा है वो भी मुझ जैसे इंसान के कारण। आई ऍम रियली सॉरी मोहिनी। कॉलेज के ये दो महीने मैं
तुम्हारे बिना कितनी मुश्किल से निकाल रहा हूँ सिर्फ मैं जानता हूँ जबकि कॉलेज में तो अभी और दो से ऊपर गुजारना है। 

केमिस्ट्री लैब वाली यादें आज भी दिल में खुशियां भर देती हैं. और फिर जब कभी अचानक से उस दिन वाली घटना याद आती है अपने आप को
सजा देने का मन करता है. I know Mohini you are angry on me. पर तुम्हार काजल और झूठी हंसी इस नाराज़गी को मुझसे छुपा नही सकता
 पता नही इस दोस्ती पर ये नाराज़गी की परत इतना भारी कैसे पड़ गया। तुम माफ़ मत करना। कभी माफ़ मत करना। ये कॉलेज के ढाई साल तुम्हे देख कर ही सही कट तो जाएंगे जाने इसके बाद ज़िन्दगी क्या होगी। कॉलेज के सबसे अच्छे वाले दोस्त अविनाश और मोहिनी की इतनी मेमोरीज बनाना चाहता था पर
अब वो मेमोरी सूखे हुए काँटों में तब्दील हो चुके हैं.
एनीवे मोहिनी आई लव यू सो मच माय फ्रेंड। 
काश की सब कुछ सही होता। तुम दोस्त ही सही कम से कम साथ तो होती।


तुम्हारा कॉलेज वाला फ्रेंड
अविनाश

Comments

Popular Posts