#इश्क़_वाली- बात
#इश्क़_वाली- बात
नींद तो ज़ालिम को बहुत आती है वो भी हफ्ते के हफ्ते ,
पर वीकेंड में जब लवर के साथ कही घूमने जाना हो तो मजाल है की नींद आँखों को छू भी पाए ,
नींद शायद अब.. थिएटर के कॉर्नर वाले सीट पर उसके कंधे पर ही आये.
बेईमान नींद
शरीफ दिल !.... है ना ??
नींद तो ज़ालिम को बहुत आती है वो भी हफ्ते के हफ्ते ,
पर वीकेंड में जब लवर के साथ कही घूमने जाना हो तो मजाल है की नींद आँखों को छू भी पाए ,
नींद शायद अब.. थिएटर के कॉर्नर वाले सीट पर उसके कंधे पर ही आये.
बेईमान नींद
शरीफ दिल !.... है ना ??


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