#इश्क़_वाली- बात 02
#इश्क़_वाली- बात
जब जेब खाली हो क्योंकि मंथ एंडिंग चल रहा हो , अपना तो काम विंडो शॉपिंग से भी चल जाता है.
पर जब जानेमन दिल की मुलाक़ात के लिए मेहबूबा से मिलने जाना है जाने कहाँ से पॉकेट उसी समय
रुपयों से भर जाता है.!
बेईमान नियत
शरीफ दोस्त !.... है ना ??
जब जेब खाली हो क्योंकि मंथ एंडिंग चल रहा हो , अपना तो काम विंडो शॉपिंग से भी चल जाता है.
पर जब जानेमन दिल की मुलाक़ात के लिए मेहबूबा से मिलने जाना है जाने कहाँ से पॉकेट उसी समय
रुपयों से भर जाता है.!
बेईमान नियत
शरीफ दोस्त !.... है ना ??


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