(सपनो की बारिश) Sapno Ki Baarish .. A Love Tale By Mithilesh Gupta
Part-1
आज जब देखा बारिश ,
तो तेरी याद जी भर कर फिर आई।
खो गया उन गुम हुए लम्हों में जो सिर्फ यादों में तूने मेरे बसाई।
आ देख। ..
ये बारिश ,, ये खुला आसमान , ये भीगी हुयी ज़मीं और भीगते हुए लोग।
आ देख।
जहाँ मैं अकेला हूँ ,,'जहाँ मैं सिर्फ तनहा हूँ ,
जहाँ तेरी एक परछाई तक नहीं ,
इन बारिशों की बूंदो में मेरे आशुंओ की बारिशें भी है ,
जो शायद कोई देख ना पाये ,
पर मुझे अच्छा लगता है ऐसे भीगना ,
काश तू होती , काश के कहती थामो हाथ मेरा और भीगी मेरे संग।
सोचकर बस अब तो उड़ते हैं इस कम्ब्खत चेहरे के रंग।
आ देख
यहाँ मैं अकेला हूँ। .
आ देख ,,
सपनो की बारिश हो रही है। ..जहाँ मैं तनहा सा अकेला हूँ। ...
आज जब देखा बारिश ,
तो तेरी याद जी भर कर फिर आई।
खो गया उन गुम हुए लम्हों में जो सिर्फ यादों में तूने मेरे बसाई।
आ देख। ..
ये बारिश ,, ये खुला आसमान , ये भीगी हुयी ज़मीं और भीगते हुए लोग।
आ देख।
जहाँ मैं अकेला हूँ ,,'जहाँ मैं सिर्फ तनहा हूँ ,
जहाँ तेरी एक परछाई तक नहीं ,
इन बारिशों की बूंदो में मेरे आशुंओ की बारिशें भी है ,
जो शायद कोई देख ना पाये ,
पर मुझे अच्छा लगता है ऐसे भीगना ,
काश तू होती , काश के कहती थामो हाथ मेरा और भीगी मेरे संग।
सोचकर बस अब तो उड़ते हैं इस कम्ब्खत चेहरे के रंग।
आ देख
यहाँ मैं अकेला हूँ। .
आ देख ,,
सपनो की बारिश हो रही है। ..जहाँ मैं तनहा सा अकेला हूँ। ...



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